गुरुवार, 21 मई 2026

Dil...


दिल दिल है शीशा नहीं 
शीशे से भी नाजुक दिल ।

ये दिल दिल का साथी है 
ये दिल दिल का है कातिल ।


यार तुम्हारी बात कहू 
यार तुम्ही तो हो मेरे ।


तुम्ही हो जीवन मेरा ,
तुम्ही जीवन का हासिल ।

तेरे दिल की कहता हू 
तेरे दिल की सुनता हु
मेरे दिल की जाने न, 
क्यों हो मुझ से तू गाफिल
Deep Zirvi 

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